IMP 2026 BORD EXAM| परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण | पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
नाम : पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
जन्म : 27 मई, 1894 ई.
जन्म स्थान : जबलपुर के खैरागढ़ नामक स्थान
पिता का नाम : पुन्नालाल बख्शी
शिक्षा : बी.ए.
निधन : 27 दिसम्बर, 1971 ई.
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जी का जन्म 27 मई, 1894 ई. को जबलपुर के खैरागढ़ नामक स्थान में हुआ था। इनके पिता पुन्नालाल बख्शी तथा बाबा उमराव बख्शी साहित्य प्रेमी और कवि थे। इनकी माता को भी साहित्य से प्रेम था। परिवार के साहित्यिक वातावरण के कारण ये विद्यार्थी जीवन से ही कविताएँ रचते थे।
बी.ए. उत्तीर्ण करते ही इन्होंने ‘सरस्वती’ पत्रिका में अपनी रचनाएँ प्रकाशित कराना प्रारम्भ किया। बाद में ‘सरस्वती’ के अतिरिक्त अन्य पत्र-पत्रिकाओं में भी इनकी रचनाएँ प्रकाशित हुईं। इनकी प्रथम कहानी ‘तारिणी’ सन् 1911 ई. में ‘हितकारिणी’ पत्रिका में प्रकाशित हुई।
बख्शी जी की प्रसिद्धि का मुख्य आधार आलोचना और निबन्ध लेखन है। वे द्विवेदी युग के प्रमुख साहित्यकारों में गिने जाते हैं। वे विशेष रूप से अपने ललित निबन्धों के लिए प्रसिद्ध हैं।
इन्होंने जीवन, समाज, धर्म, संस्कृति और साहित्य जैसे विषयों पर उच्चकोटि के निबन्ध लिखे। 1920 ई. से 1927 ई. तक इन्होंने ‘सरस्वती’ पत्रिका का कुशल सम्पादन किया। कुछ वर्षों तक ‘छाया’ मासिक पत्रिका का भी सम्पादन किया।
मुख्य रचनाएँ
निबन्ध : प्रबन्ध पारिजात, पंचपात्र, पद्मवन, मकरन्द बिन्दु, कुछ बिखरे पन्ने, मेरा देश आदि।
कहानी : झलमला, अंजलि आदि।
आलोचना : विश्व साहित्य, हिंदी साहित्य विमर्श, समस्या और समाधान आदि।
⭐ IMP BOARD EXAM QUESTIONS ⭐
- प्रश्न 1 : पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का जीवन-परिचय लिखिए।
- प्रश्न 2 : पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का साहित्यिक योगदान बताइए।
- प्रश्न 3 : बख्शी जी को द्विवेदी युग का प्रमुख निबन्धकार क्यों माना जाता है?
- प्रश्न 4 : पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए।
- प्रश्न 5 : बख्शी जी की भाषा-शैली की विशेषताएँ लिखिए।

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