IMP 2026 BORD EXAM| परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण | जीवन परिचय | जयशंकर प्रसाद
जयशंकर प्रसाद – जीवन परिचय
नाम : जयशंकर प्रसाद
जन्म : 1889 ई.
जन्म स्थान : काशी
पिता का नाम : देवीप्रसाद
शिक्षा : अंग्रेजी, फारसी, उर्दू, हिंदी व संस्कृत का स्वाध्याय
निधन : 1937 ई.
जयशंकर प्रसाद बहुमुखी प्रतिभा के धनी साहित्यकार थे। उनका जन्म 1889 ई. में काशी के ‘सुँघनी साहू’ नामक प्रसिद्ध वैश्य परिवार में हुआ था। उनके यहाँ तम्बाकू का व्यापार होता था। उनके पिता देवीप्रसाद तथा पितामह शिवरत्न साहू थे। पितामह परम शिवभक्त थे और पिता अत्यन्त उदार एवं साहित्य-प्रेमी व्यक्ति थे।
प्रसाद जी का बचपन सुखमय था। बाल्यकाल में ही उन्होंने अपनी माता के साथ धारा क्षेत्र, ओंकारेश्वर, पुष्कर, उज्जैन तथा ब्रज आदि तीर्थों की यात्राएँ कीं। यात्रा से लौटने के बाद पहले पिता का और चार वर्ष पश्चात् माता का भी निधन हो गया।
उन्हें बचपन से ही साहित्य के प्रति गहरा लगाव था। वे निरन्तर साहित्यिक पुस्तकें पढ़ते और काव्य-रचना करते रहते थे। प्रारम्भ में उनके भाई उनकी काव्य-रचना में बाधा डालते थे, परन्तु बाद में उन्हें पूर्ण स्वतन्त्रता दे दी गई।
बड़े भाई शम्भूरत्न जी के निधन से पारिवारिक स्थिति बिगड़ गई। व्यापार भी नष्ट हो गया। पैतृक सम्पत्ति बेचने से कर्ज़ से मुक्ति तो मिली, किन्तु वे क्षय रोग से ग्रसित हो गए। अन्ततः मात्र 47 वर्ष की आयु में 15 नवम्बर 1937 ई. को उनका निधन हो गया।
मुख्य रचनाएँ
नाटक : चन्द्रगुप्त, स्कन्दगुप्त, अजातशत्रु, ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नागयज्ञ
उपन्यास : कंकाल, तितली, इरावती
कहानी : आंधी, इंद्रजाल, आकाशदीप, छाया
काव्य : कामायनी, झरना, लहर, आँसू
⭐ IMP BOARD EXAM QUESTIONS ⭐
- प्रश्न 1: जयशंकर प्रसाद का संक्षिप्त जीवन परिचय लिखिए।
- प्रश्न 2: जयशंकर प्रसाद की प्रमुख काव्य रचनाएँ लिखिए।
- प्रश्न 3: हिंदी साहित्य में जयशंकर प्रसाद का स्थान स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न 4: छायावादी कवि के रूप में जयशंकर प्रसाद का परिचय दीजिए।
- प्रश्न 5: जयशंकर प्रसाद की भाषा एवं शैली पर टिप्पणी लिखिए।

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